रीतिका सौरभ || Ritiksaurabh Bihar Lovestory || Untold Story Of RitikaSaurabh || GolukiGullu || रीतिका सौरभ
जब हम रो नहीं पाते, सुख से सो नहीं पाते, जब हम खो नहीं पाते, तब तुम याद आती हो|
जब चिंता सताती है, हमारे तन को खाती है,जब कहीं मन नहीं लगता, तब तुम याद आती हो ||
जब हम टूट जाते है,जब अपने रूठ जाते है, जब सपने सताते है, तब तुम याद आती हो |
बच्चे हम रह नहीं जाते,बड़े हम हो नहीं पाते,खड़े भी रह नहीं पाते ,तब तुम याद आती हो ||
किसी को सह नहीं पाते, अकेले रह नहीं पाते, किसी से कह नहीं पाते, तब तुम याद आती हो |||
@ritikasaurabh @golikigullu
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